गुरुग्राम: खुले में नमाज के विरोध में चौराहे पर गोवर्धन पूजा, भड़के ओवैसी ने कही ये बड़ी बात!

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गुरुग्राम के सेक्टर 12 (Gurugram Sector 12) में आज खुले में नमाज वाली जगह पर गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2021) का आयोजन किया गया। इसके चलते जुमे की नमाज नहीं हो पाई। हिंदू संगठनों द्वारा आयोजित की गई गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा के नेता और पूर्व विधायक कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) भी शामिल हुए। इस सबके बीच सियासी बयानबाजी ने जोर पकड़ा हुआ है। 

हिंदू संगठनों के सदस्यों ने कहा कि ऐसा खुली जगहों पर नमाज अदा करने के खिलाफ उनका विरोध दर्ज कराने के लिए किया गया था। वहीं मुस्लिम समुदायों के सदस्यों ने कहा कि पिछले दिनों हिंदू संगठनों और  स्थानीय निवासियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों के साथ-साथ विरोध के कारण सेक्टर 12 में नमाज अदा नहीं करने का फैसला किया। 

'शांतिपूर्वक हुई नमाज और पूजा'


मीडिया खबरों के अनुसार, गुरुग्राम में सार्वजानिक नमाज पर बैन लगा दिया गया है। लेकिन इस बार जुमे की नमाज सेक्टर 29 के लीजर वैली ग्राउंड में चिन्हित जगह पर हुई। जबकि गोवर्धन पूजा सेक्टर 47 और डीएलएफ फेज -3 में उस जगह की गई जहां नमाज अदा होती थी। इसके अलावा सेक्टर 12 के पास और भी कई जगहों पर छोटे पैमाने पर पूजा की गई। 

सीधे तौर पर देखा जाए तो नमाज बंद कर हिन्दू त्योहार सड़क पर मनाया गया। इस दौरान सभी जगहों पर भारी पुलिस बल की तैनात रहा और दोनों समुदायों की ओर से शांतिपूर्वक नमाज और पूजा की गई। 

हिन्दू संगठनों ने किया था पूजा का आयोजन 

गोवर्धन पूजा के मौके पर आज हजारों लोग शामिल हुए. इस पूजा का आयोजन हिन्दू संगठनों ने किया। कार्यक्रम में कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) भी शामिल हुए. उन्होंने इस मौके पर कहा कि:-

"दिवाली को लेकर जो फरमान जारी किया गया था, उसका हश्र जो हुआ सबने देखा। उन्होंने आगे कहा, 'सड़कों का उपयोग राजनीति के लिए किया जा रहा है।  शाहीन बाग में सड़कों पर जो हुआ वो देखा। सड़कें नहीं रोकी जानी चाहिए, इससे देश रुकता है।"

पूरे देश में होगा सड़क नमाज का विरोध 

gurugram goberdhan puja
Image Source: The Times Of India

इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'शुक्रवार को नमाज के नाम पर खुले में राजनीति होगी तो हिन्दू धर्म के मुताबिक शुक्रवार को वहीं ब्रह्म अवतार की पूजा होगी। आप के पास वक्फ बोर्ड की जगह है, वहां कीजिए अपनी नमाज।' उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में नमाज के विरोध ने पूरे देश में एक ट्रेंड बनाया है और पूरा देश इससे पीड़ित है। 

मैं उन लोगों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इस आजादी के लिए लड़ाई लड़ी।  जिन्होंने इन संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी। यही है आजादी की असली लड़ाई, वह नहीं जिसके लिए आजादी के नारे लगाए जाते हैं। हमें सड़कों पर चलने की आजादी चाहिए। 


वहीं, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा, "जो खुले में नमाज पढ़ना चाहते हैं वो पाकिस्तान चले जाएं। गुरुग्राम ही नहीं बल्कि पूरे देश में कहीं भी खुले में नमाज नहीं करनी दी जाएगी। अगर प्रशासन ने गुरुग्राम में हो रही खुले में नमाज बंद नहीं कराई तो हिन्दू एकता इसे बंद कराएगी।"

असदुद्दीन ओवैसी क्या बोले?


उधर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गुरुग्राम में नमाज पढ़ने से रोकने की घटना को मुसलमानों के प्रति सीधी नफरत बताया है. ओवैसी ने कहा, "गुरुग्राम में शुक्रवार की नमाज का विरोध इस बात का सटीक उदाहरण है कि ये प्रदर्शनकारी कितने कट्टरपंथी हो गए हैं। ये मुसलमानों के प्रति सीधी नफरत है। सप्ताह में एक बार 15-20 मिनट के लिए जुमे की नमाज अदा करना किसी को कैसे आहत कर रहा है?