मां का मंगलसूत्र बेचकर चालान भरने पहुंचा बेटा, सच्चाई सुन ARTO ने खुद भरा जुर्माना!

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oung Man Reached Pay Challan After Selling His Mother Mangalsutra

नियम न टूटे और मानवता पर भी भरोसा बना रहे...कुछ ऐसी ही एक कहानी महराजगंज जिले से सामने आई है। जंहा एक चालान की रकम चुकाने के लिए पिता द्वारा बेचे गए मां के मंगलसूत्र की रकम लेकर एक युवक ARTO दफ्तर पहुंचा था। युवक की पूरी दास्तान सुनने के बाद ARTO आरसी भारती भावुक हो गए।  जिसके बाद उन्होंने ना खुद अपनी जेब से पीड़ित का चालान जमा किया। क्या है पूरा मामला? आइये हम आपको बताते है। 

पिता के ऑटो का हुआ था चालान!

Young Man Reached Pay Challan After Selling His Mother Mangalsutra
Image Source: Bhaskar

दरअसल, पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के सिंहपुर ताल्ही गांव में विजय कुमार नाम का युवक रहता है। उसके पिता राजकुमार ऑटो ड्राइवर हैं। बीते 8 जून को उनका ARTO ने 24,500 रुपए का चालान कर दिया था, लेकिन राजकुमार के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे चालान भर पाते। ऐसे में उनका बेटा विजय उस चालान को जमा कराने एआरटीओ कार्यालय पहुंचा। 

मां का मंगलसूत्र बेचकर चालान भरने पहुंचा बेटा!

 

Young Man Reached Pay Challan After Selling His Mother Mangalsutra
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पहले तो संकोच में कुछ देर अपनी बात नहीं कह सका। इस पर एआरटीओ आरसी भारती ने पूछा कि भाई अपनी बात बताओ। इस पर विजय कुमार ने अपनी बात बतानी शुरू किया। उसने बताया कि ऑटो के चालान का 24,500 रुपए जमा करना था। मां का मंगलसूत्र बेचने के बाद भी केवल 13 हजार रुपए ही जमा हो पाए। यह बताते हुए विजय फफक कर रो पड़े। उसकी दर्द भरी कहानी सुनने के बाद एआरटीओ ने पहले उसे पानी पिलाया। फिर विस्तार से पूरी बात पूछी। 

10वीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई!

विजय ने आगे बताया कि वह मजदूरी करता हैं, फेल होने के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई भी नहीं कर सका। विजय ने बताया कि पिता राजकुमार की एक आंख नहीं है, फिर भी वह टेंपो चलाते हैं ताकि परिवार का गुजारा हो सके। आर्थिक तंगी के चलते जैसे-तैसे घर चल रहा है। लेकिन बीते दिनों टेंपों का चालान कट गया, जिसका 24,500 रुपये जुर्माना बह माँ का मंगलसूत्र बेचकर जमा करने आया है। 

arto arsi bharti
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बिजय ने बताया कि आर्थिक तंगी की बजह से रकम जमा करने के लिए मां के मंगलसूत्र को बेच दिया, लेकिन तब भी महज 13 हजार रुपए जुट सके। इसके बाद बह ARTO दफ्तर इस आस में पहुंचा कि जुर्माने की शेष रकम माफ हो जाएगी। 

महराजगंज ARTO ने खुद भरा 24,500 का जुर्माना!

महराजगंज ARTO ने विजय की पूरी कहानी तसल्ली से सुनी, जिसके बाद ARTO का दिल पसीज गया। इसके बाद ARTO आरसी भारती ने चालान की पूरी रकम खुद जमा कराई, और युवक की हर संभव मदद करने की बात कही। साथ ही गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ चुके युवक को पढ़ाने की पेशकश भी की। उन्होंने युवक की पढ़ाई का खर्च उठाने की भी पेशकश की, जिसे उसने स्वीकार कर लिया है। 

मां को मंगलसूत्र बापिस लौटा दो जाकर!

महराजगंज ARTO आरसी भारती ने पीड़ित विजय से कहा कि जो पैसे लेकर आए हो उसे लेकर जाओ और मंगलसूत्र छुड़ाकर मां को वापस दे देना। इसी के साथ ARTO साहब ने मानवता दिखाते हुए युवक से उसका मोबाईल नंबर लिया और अपना नंबर दिया कि जरूरत पड़ने पर बह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।