लग्जरी गाड़ियां, कीमती मोबाइल... तस्वीरो में देखिये आनंद गिरि की लग्जरी लाइफस्टाइल

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प्रयागराज में बाघंबरी मठ के आचार्य नंरेद्र गिरी के निधन के बाद उनके शिष्य आनंद गिरी पुलिस की गिरफ्त में हैं। महंगी गाड़ियों से घूमना और कीमती मोबाइल रखना उनका शौक है। वह भले ही भगवा कपड़े पहनते हैं लेकिन वे भी काफी महंगे होते हैं। आनंद गिरि अपने महंगे शौक के साथ ही विदेश यात्राओं के लिए सुर्खियों में रहा है।

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लग्जरी कारें, मोबाइल और महंगी बाइक रखना भी आनंद गिरि के शौक में शामिल है। कई बार पहाड़ी घाटियों में उनकी बाइक राइडिंग, बोटिंग की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं से छेड़छाड़ और हवाई जहाज में शराब के साथ फोटो को लेकर भी काफी विवादों में रहे। आइए जानते हैं कैसे राजस्थान में जन्मा एक लड़का आनंद गिरी बना जिसपर अपने ही गुरु की हत्या के आरोप लग रहे हैं। 

गुरु नरेंद्र गिरी के बेहद करीबी चेला थे आनंद गिरी 

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आनंद गिरि प्रयागराज में संगम तट पर लेटे हनुमान मंदिर में महंत नरेंद्र गिरि के सबसे विश्वासपात्र थे। इसलिए उनको 'छोटे महाराज' कहा जाता था। आनंद गुरु खुद को आध्यात्मिक गुरु और योग गुरु भी बताते हैं। लेकिन महंगी गाड़ियों में घूमने, महंगे मोबाइल रखने, कीमती रेशम कतान के भगवा वस्त्रों के शौक के लिए संत समाज में कई बार आनंद गिरि को आलोचना का भी शिकार होना पड़ा है। 

लग्जरी गाड़ियों के शौकीन आनंद गिरी 

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आनंद गिरि यूं तो लग्जरी कारों के शौकीन हैं। प्रयागराज में उनके करीबी बताते हैं कि चमचमाती होंडा सिटी उनकी पसंदीदा गाड़ी है। सोशल मीडिया में उनकी कई तस्वीरें वायरल हैं जिन्हें देख के उनकी लाइफस्टाइल का अंदाजा लगाया जा सकता है। 

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लग्जरी चार पहिया वाहनों के अलावा आनंद गिरी की पसंद बुलेट भी है। माघ मेले के दौरान अक्सर उनको बुलेट पर देखा जा सकता था। वह कभी-कभी बुलेट पर स्टंट भी करते नजर आते थे। गिरि ने लग्जरी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट की हैं।

शराब के साथ वायरल हुई फोटो!

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पिछले साल ही आनंद का एक फोटो वायरल हुआ था। फोटो में वह विमान के बिजनेस क्लास में बैठे नजर आ रहे थे। सामने होल्डर पर शराब से भरा गिलास रखा था। इस फोटो के वायरल होने पर मठ से जुड़े लोगों ने ऐतराज जताया था।इस तस्वीर को लेकर विवादों में घिरे आनंद गिरि ने तब सफाई दी थी कि ग्लास में शराब नहीं बल्कि जूस था। वैसे भी, उनका रहन-सहन आम संतों अलग रहा है। 

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आनंद गिरि पर यह भी आरोप लगते रहे कि वे संत परम्परा के खिलाफ अपने परिवार से सम्बंध रखते थे। मंदिर से जुड़े करीबियों के अनुसार आनंद गिरि का रहन-सहन और विवाद कई बार उनके गुरु से मनमुटाव का कारण बने।

ऑस्ट्रेलिया में लगा छेड़छाड़ का आरोप

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आनंद गिरि देश-विदेश की यात्राएं भी खूब करते रहे हैं। करीब छह साल पहले वह ऑस्ट्रेलिया गए थे। हां होटल में दो महिलाओं से छेड़छाड़ और मारपीट का भी आरोप उन पर लगा था। उनके खिलाफ महिलाओं ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। हालांकि तब उनके गुरु नरेंद्र गिरि के दखल और वकीलों के मदद से रिहा कराया गया था। 

गद्दी के उत्तराधिकारी माने जाते थे आनंद गिरी 

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वर्ष 2014 में आनंद गिरि को जब नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी के रूप में प्रचारित किया जाने लगा तब इसका विरोध भी हुआ था। उस समय महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि को उत्तराधिकारी नहीं, बल्कि शिष्य बताया था।

राजस्थान के रहने वाले हैं आनंद गिरी

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आनंद गिरी का जन्म राजस्थान में भीलवाड़ा के निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। 12 साल क उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया और हरिद्वार चले गए। आनंद गिरी कहते हैं कि उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। बाघंबरी गद्दी मठ के अन्य शिष्यों से खुद की अलग पहचान बनाने के लिए आनंद गिरि ने मेहनत कर पढ़ाई भी की। खास तौर से मध्यम वर्ग के साथ ही विदेशी शिष्यों के बीच पकड़ बनाने के लिए अंग्रेजी भी सीखी थी। 

गुरु के विरोध में चेला आनंद गिरी 

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आनंद गिरी की लाइफस्टाइल को लेकर कई बार नरेंद्र गिरी से लोगों ने शिकायत भी की लेकिन उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। समय के साथ नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के रिश्तों में दरार पड़ने लगी। साल 2021 के शुरुआत में आनंद गिरी ने अपने ही गुरु नरेंद्र गिरी पर मठ की जमीन अवैध तरीके से बेचने का आरोप लगा सनसनी फैला दी।

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आनंद गिरी के समर्थकों द्वारा लगातार खुद पर हो रहे हमले को देखते हुए नरेंद्र गिरी ने उन्हें मठ से बर्खास्त कर दिया। कहा जाता है कि आनंद गिरी ने राष्ट्रपति से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक को खत लिखकर नरेंद्र गिरी की गतिविधियों की जांच कराने की अपील की थी। बता दे, महंत नरेंद्र गिरी और आनंद गिरि के बीच लंबे वक्त से विवाद चल रहा था। माना जा रहा था कि इस विवाद की जड़ बाघंबरी पीठ की गद्दी थी।