अच्छे दिन! ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत!

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आर्थिक मोर्चे पर भारत को एक बड़ी सफलता मिली है। भारत एक बार फिर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। जिसके बाद सालो साल भारत पर आज करने बाला  ब्रिटेन एक पायदान फिसलकर छठे स्थान पर आ गया है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के मुताबिक, भारत साल 2021 के आखिरी 3 महीने में ब्रिटेन से आगे निकला। यानी भारत की अर्थव्यवस्था 854.7 अरब डॉलर रही। क्या है पूरा मामला? चलिए हम आपको बताते है। 

5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत!

कोरोना महामारी को मात देकर भारत की अर्थव्यवस्था ने तेज गति से अपना विस्तार किया है। एक अनुमान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 13.5 फीसदी रही है। वहीं ब्लूमबर्ग की शुक्रवार को जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक 2021 की अंतिम तिमाही में भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया। ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 

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सांकेतिक तस्वीर, Image Source: Amar Ujala

 GDP के आंकड़ों में भारत यह बढ़त वित्त वर्ष 2022-23 में भी बनाए रखे हुए है। भारत की अर्थव्यवस्था 854.7 अरब डॉलर रही। इसी अवधि में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर रही। रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से ब्रिटेन ने पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का तमगा खो दिया। दूसरी ओर, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। 

पहले 11वें स्थान पर था भारत!

एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था, जबकि यूके 5वें स्थान पर था। अभी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अमेरिका है। जबकि दूसरे नंबर पर चीन फिर जापान और जर्मनी का नंबर है। आपको बता दे, भारत ने यह कारनामा दूसरी बार किया है। इससे पहले 2019 में भी ब्रिटेन को छठे स्थान पर धकेल दिया था। हालांकि भारत फिर पिछड़ गया था।

 

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Image Source: economictimes.indiatimes.com

भारत ने हाल में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था है। नकदी के संदर्भ में देखें तो भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार मार्च तिमाही में 854.7 अरब डॉलर है, जबकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर की है।

ब्रिटेन को लगा 300 साल का सबसे बड़ा झटका!

बीते अगस्त में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 300 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि अर्थव्यवस्था में गिरावट का ये दौर 2024 तक जारी रह सकता है। ब्रिटेन की जीडीपी दूसरी तिमाही में कैश के संदर्भ में केवल एक फीसदी बढ़ी है। यदि मुद्रास्फीति की बात करें तो इसमें 0.1 फीसदी की कमी आई है। दूसरी तरफ, भारतीय अर्थव्यवस्था के इस वर्ष 7% की दर से बढ़ने का अनुमान है।

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Image Source: Zee Business

आपको बता दे, ब्रिटेन की स्थिति में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब देश में राजनीतिक अस्थिरता है और सत्तारूढ़ पार्टी नया प्रधानमंत्री चुनने के दौर में है। अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में ब्रिटेन की गिरावट नए प्रधानमंत्री के लिए अप्रिय स्थिति होगी। कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य सोमवार को बोरिस जॉनसन के उत्तराधिकारी का चयन करेंगे। अनुमान जताए जा रहे हैं कि विदेश सचिव लिज ट्रस, पूर्व चांसलर ऋषि सुनक से आगे हैं।