ये होती है माँ! अपनी 3 साल की बच्ची को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ी, और बचा लाइ जिंदगी!

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mother safe her doughter life

दुनिया में माँ से बड़ा कोई योद्धा नहीं होता, ये कहाबत नहीं सच्चाई है। अगर बच्चे की जान पर बन आए तो मां उसे बचाने के लिए क्या कुछ नहीं करती। कभी-कभी तो वह अपनी जान की परवाह किए बैगर मौत तक से भिड़ जाती है। ऐसा ही एक मामला इन दिनों महाराष्ट्र के चंद्रपुर से सामने आया है, जंहा एक माँ अपनी 3 साल की बच्ची को बचाने के लिए तेंदुए से जा भिड़ी। क्या है पूरा मामला? आइये आपको थोड़ा विस्तार से बताते है। 

3 साल की बच्ची को बचाने तेंदुए से भिड़ी मां!

यह मामला चंद्रपुर के दुर्गापुर इलाके का है। जंहा तीन साल की बच्ची घर के बाहर बैठ खाना खा रही थी, इतने में एक तेंदुआ आया और उसे अपने जबड़े में दबोच भागने लगा। तेंदुए द्वारा बच्ची को घसीटकर ले जाते हुए देख कर मां के होश उड़ गए। आनन-फानन में पास पड़े डंडे को उठाया और तेंदुए के पीछे दौड़ लगा दी।

mother safe her children life
Image Source: Bhaskar

काफी दूर तक तेंदुए का पीछा करने के बाद बच्ची की मां उससे भिड़ गईं। डंडे का एक वार तेंदुए के मुंह पर पड़ते ही उसने बच्ची को छोड़ दिया। इस दौरान तेंदुए महिला पर हमला करने लगा। हालांकि, ज्योति डरी नहीं और डंडे से कई प्रहार तेंदुए पर कर दिए। मां के आक्रामक रुख को देख तेंदुए को हार माननी पड़ी और वह भाग गया। 

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Image Source: AAj TAk (सांकेतिक तस्वीर)

इस हमले में बच्ची की जान तो बच गई, लेकिन माँ गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि माँ और बच्ची दोनों की हालत फ़िलहाल खतरे से बाहर है। 

बच्ची की जान बचाने बाली माँ क्या बोली?

उधर, बच्ची की मां ज्योति पुप्पलवार ने बताया, कि ''मेरी बेटी घर के आंगन में खाना खा रही थी और मैं नहाने गई थी। नहाकर जैसे ही मैं बाहर निकली तो देखा कि तेंदुए मेरी बेटी को घसीटते हुए ले जा रहा है।"

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Image Source: Bhaskar

मां ने बताया कि तेंदुए के मुंह में बच्ची को देख न जाने उसे कहां से हिम्मत आ गई और उसने डंडे से कई बार प्रहार कर दिया। मैंने बिना कुछ सोचे समझे उस पर डंडे से हमला जारी रखा। हमले के बाद तेंदुए ने बच्ची को छोड़ दिया, लेकिन वह फिर से हमला करने की फिराक में था। मैंने उस पर लगातार डंडे से वार किए तो वह वहां से भाग गया।

गांव बालो ने वन अधिकारियों को बनाया बंधक!

तीन साल की बच्ची पर तेंदुए द्वारा हमला और गांव में तेंदुए के घुसने की खबर पर गांव के लोग गुस्सा गए। बस फिर क्या था, घटना के बाद मामले की जांच करने पहुंचे वन विभाग के 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानीय लोगों ने बंधक बना लिया। जिसके बाद ग्रामीण तेंदुए को जान से मारने की मांग करने लगे। 

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Image Source: Bhaskar

आज तक की रिपोर्ट अनुसार, ग्रामीणों का आक्रोश देख वन विभाग ने भी देर रात तेंदुए को मारने के आदेश जारी कर दिए। तब जाकर लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को छोड़ा। अब तेंदुए को पकड़कर मारने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 

जंगल हो या घर, मां आखिर मां होती है!

यह पहला मौका नहीं है, जब किसी माँ ने अपनी जान पर खेलकर अपनी औलाद को बचाया हो। जंगल हो या घर, मां आखिर मां होती है! और हमेशा अपने बच्चे की जिंदगी के लिए मौत से तक भिड़ जाती है। ऐसा ही एक अन्य मामला सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा गया था कि 'याक' पर एक तेंदुआ बुरी तरह से टूट पड़ा था। जिसके बाद मौके पर मौजूद याक की मां बिना देरी करते हुए तेंदुए से भिड़ गई थी और जान पर खेलकर अपने बच्चे की जान बचा ली थी। 


 IFS अधिकारी सुरेंद्र ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा था, 'जंगल की जिंदगी में समानता होती हैं, मगर शिकार व शिकारी को कई तरह की मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है।' बाकई समय-समय पर सामने आने वाली ये ख़बरें बार-बार बताती हैं कि एक मां ही होती है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों के लिए समर्पित होती है।