ऐसे गाने यूट्यूब पर डालने से पहले क्या नहीं होने चाहिए चैक? या फिर लगना चाहिए बैन?

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Dheeyan Song

गानों को लेकर अक्सर लोग कहते हैं कि यह गाना उनकी जिंदगी के उतार-चढ़ाव से मेल खाता है। तो कोई कहता है कि वह इस गाने को बेहद फील करते हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि 2.30 से 4 मिनट के गाने में फिल्माए गए दृश्य हर इंसान की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डालते हैं। हाल-फिलहाल एक पंजाबी सिंगर श्री बराड़ का एक नया गाना रिलीज हुआ है। बता दें बराड़ वही सिंगर है जिन्होंने किसान एंथम लिखा था। इस गाने का वीडियो उन्होंने कुछ और दूसरे आर्टिस्ट के साथ मिलकर निकाला था। यह काफी चर्चाओं में भी रहा था।

हाल ही में उन्होंने अपना एक नया गाना रिलीज किया है। उनका यह गाना बेटियों के जीवन पर आधारित है। अपने इस गाने में उन्होंने बेटियों को जीवन जीने का पाठ पढ़ाया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे गाने में उन्होंने 60 के दशक की मानसिकता को दर्शाया है, जिससे आज की 21वीं सदी में भी कई जगहों पर लड़कियां लड़ रही हैं।
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Youtube Video Screenshot

पंजाबी गायक बराड़ ने वही पुराने स्टाइल हो को अपनाते हुए पहले अपनी बेटी को दुर्गा बताया और उसे अपने फैसले खुद ना करने की सलाह तक दे डाली। इस दौरान उन्होंने अपने गाने की पहली लाइन में कहा कि- दुर्गा जैसी बनकर मेरी पग की लाज रखना, हीर की तरह इसे मिट्टी में मत मिला देना।

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मालूम हो कि हीर वही है जिसकी प्रेम कहानी आपने भी कभी ना कभी जरूर सुनी होगी। हीर-रांझा की कहानी पंजाब की प्रचलित प्रेम कहानियों में से एक है। हीर रांझा से प्रेम करती थी और अपने प्यार की कीमत उन्हें अपनी जान के साथ चुकानी पड़ी थी।

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इसके बाद पिता अपनी नन्हीं सी बच्ची से कहते हैं कि अपनी लाइफ में कोई भी डिसीजन खुद मत लेना, वरना मेरी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। मैंने अपनी इज्जत तुम्हें संभालने को दी है, तुम मेरी जिंदगी भर का अफसोस मत बन जाना। बराड़ द्वारा इस गाने में कही गई उनकी एक बात भी समझ में नहीं आती। आखिर वह आज के 21 के दौर में कौन सी सोच दर्शाना चाहते हैं।

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बेटी को संभालने के लिए आखिर इज्जत ही क्यों दी जाती है। उसके भाई की तरह जायदात के कागज, पढ़ने और जिंदगी जीने जैसी फ्रीडम क्यों नहीं दी जाती? गाना यहीं पर खत्म नहीं हुआ इसके बाद गाने में बराड़ छोटी सी बच्चे के सर पर बार-बार चुन्नी ढकते नजर आते हैं। वही मासूम जब चुन्नी को सर से उतार देती है तो बरार गुस्सा होकर उससे मुंह फेर लेते हैं। ऐसे में बच्ची अपने पिता को मनाने के लिए चुन्नी से अपना सर ढक कर उनके पीछे भागती नजर आती है।

ऐसी सोच को अपने 2.30 मिनट के गाने में दर्शाने के बाद वीडियो के आखिर में वह कई नामी-गिरामी महिलाओं की तस्वीर दिखाते हैं, जिसमें कल्पना चावला, सानिया नेहवाल, अवनीत कौर सिद्धू नजर आती है। ऐसे में यह समझ नहीं आता कि आखिर वह अपनी ऐसी सोच के साथ बेटियों को सानिया नेहवाल, कल्पना चावला या अवनीत कौर सिद्धू कैसे बना सकते हैं..

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श्री बरार का यह गाना देखने के बाद यह कहना गलत नहीं होगा ऐसे गानों की कृपया वीडियो बनाने से पहले ऐसे गानों के बारे में किसी समझदार व्यक्ति से डिस्कशन जरूर करना चाहिए। देश में जहां एक और महिलाओं की छवि सुधार की प्रक्रिया में काम चल रहा है ऐसे में इस तरह के गाने समाज पर क्या प्रभाव डालेंगे।