2022 तक बन जाएगी नई संसद, 865 करोड़ का है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, ये हैं संसद का नया डिजाइन

नए संसद भवन के निर्माण का काम शुरू हो गया है और इस मामले में एजेंसी ने एक भूखंड पर मिट्टी की खुदाई भी शुरू कर दी है। गुरुवार को इस मामले में आधिकारिक घोषणा जारी करते हुए टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड में पिछले महीने मौजूदा संसद भवन के पास नए भवन के निर्माण के लिए
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2022 तक बन जाएगी नई संसद, 865 करोड़ का है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, ये हैं संसद का नया डिजाइन

नए संसद भवन के निर्माण का काम शुरू हो गया है और इस मामले में एजेंसी ने एक भूखंड पर मिट्टी की खुदाई भी शुरू कर दी है। गुरुवार को इस मामले में आधिकारिक घोषणा जारी करते हुए टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड में पिछले महीने मौजूदा संसद भवन के पास नए भवन के निर्माण के लिए निविदा हासिल की। इसके साथ ही इसका निर्माण सेंट्रल विस्टी पुवर्विकास परियोजना के तहत शुरू कर दिया गया है।

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गौरतलब है कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद करीब 22 महीने में इसके पूरा होने की संभावना है। संसद भवन संपदा के भूखंड संख्या 118 पर इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया है। वहीं इस मामले में एक आला अधिकारी ने कहा है कि संसद भवन के प्रवेश के एक स्वागत कक्ष को दूसरी जगह बनाया जा रहा है, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए जगह छोड़ी जा सके।

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इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के एक छोटे कार्यालय और एक विद्युत केंद्र को उस क्षेत्र से हटा दिया गया है। ताकि नए संसद भवन का रास्ता पूरी तरह से साफ हो सके और बिना किसी रूकावट के काम को जारी रखा जा सके उन्होंने कहा कि खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है वहीं वर्तमान संसद भवन परिसर में प्रवेश के दो मार्गो को भी हटाने का काम शुरू हो गया है।

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बता दे पिछला संसद भवन करीबन 100 साल पुराना है। ऐसे में नए प्रोजेक्ट के तहत नए संसद भवन का निर्माण करने में करीबन 865 करोड रुपए का खर्च प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इसके तहत कई अहम प्रोजेक्ट डिजाइन किए जा चुके हैं। अहमदाबाद के आर्किटेक्ट विमल पटेल ने नए संसद भवन का डिजाइन तैयार किया है। इसे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाएगा। इस बारे में विमल पटेल ने काफी जानकारी साझा की है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट की खासियत के बारे में भी बताया है।

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नए संसद भवन के प्रोजेक्ट की कमान संभाल रहे आर्किटेक्ट विमल पटेल ने बताया कि पुराना संसद भवन काफी जगह से जर्जर हो चुका है उसे रिपेयरिंग की जरूरत है। एयर कंडीशनर, ऑडियो, विजुअल सिस्टम, वेंटीलेशन और इलेक्ट्रिक सिटी जैसी तमाम चीजों में बदलाव की जरूरत है। वहीं राज्यसभा और लोकसभा में सीटिंग कैपेसिटी मैक्सिम लेवल पर पहुंच चुकी है। इस वजह से इस बिल्डिंग को नए सिरे से बनाना जरूरी है।

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बिमल पटेल ने बताया कि मंत्रालय के कई ऑफिस भी दिल्ली के लिए अलग-अलग जगहों पर है। नए कंस्ट्रक्शन में इसे भी नए सिरे से बनाने की तर्ज दी जा रही है, कि सभी मंत्रालयों को एक साथ एक जगह पर बनाया जाए। नए संसद भवन के निर्माण का कार्य टाटा को सौंपा गया है। इस प्रोजेक्ट पर 865 करोड रुपए खर्च होंगे।

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नई संसद पार्लियामेंट हाउस स्टेट के प्लांट नंबर 118 में बनाई जाएगी। प्रोजेक्ट के तहत नई संसद के अलावा इंडिया गेट के आसपास 10 इमारतें और भी तैयार की जाएंगी, जिनमें 51 मंत्रालयों के दफ्तर होंगे। गौरतलब है कि इस नए प्रोजेक्ट के तहत पुरानी बिल्डिंग के दोनों तरफ ट्रायंगल शेप में बिल्डिंग को तैयार किया जाएगा। मालूम हो कि पुरानी संसद भवन का आकार गोल है, जबकि नए संसद भवन का आकार कोन शेप होगा। इसके चलते नई और पुरानी बिल्डिंग एक साथ देखने में डायमंड लुक के तौर पर नजर आएंगी।

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उम्मीद की जा रही है कि संसद की नई बिल्डिंग 2022 तक बनकर तैयार हो सकती है। पुरानी पार्लियामेंट में कई हिस्सों में रिपेयरिंग की जरूरत थी। इसलिए कुछ हिस्सों को रिनोवेट किया जा रहा है। उस जगह जो नई बिल्डिंग बनेगी, उसमें कृषि भवन, शास्त्री भवन भी शामिल होंगे।